पटना: बिहार सरकार राज्य में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार ने अहमदाबाद स्थित CEPT University की तकनीकी विशेषज्ञता लेने का निर्णय लिया है। इसके तहत टाउनशिप की योजना, डिजाइन और विकास कार्यों में तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
तकनीकी सहायता इकाई करेगी परियोजना का मार्गदर्शन
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (TSU) का गठन किया जाएगा। यह इकाई परियोजना की योजना तैयार करने, तकनीकी मानकों का निर्धारण करने, मास्टर प्लान बनाने और विभिन्न चरणों की निगरानी का कार्य करेगी। CEPT University इस तकनीकी सहायता इकाई के माध्यम से सरकार को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए शहर
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में आधुनिक शहरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इनमें चौड़ी सड़कें, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सहित सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे को शामिल किया जाएगा। उद्देश्य लोगों को योजनाबद्ध और सुविधाजनक शहरी जीवन उपलब्ध कराना है।
बढ़ते शहरीकरण को मिलेगा बेहतर समाधान
राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए नए योजनाबद्ध शहरों का विकास आवश्यक है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनने से बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ संतुलित शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास कार्य
परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सबसे पहले संभावित स्थलों का चयन, व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इसके बाद मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचना विकसित करने का कार्य शुरू होगा।
निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
सरकार का मानना है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होने से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण, रियल एस्टेट, सेवा क्षेत्र तथा अन्य उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी विकास के जरिए बिहार के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।